हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने सोमवार की रात ट्वीट किया है कि निश्चित रूप से ज़ायोनियों को लेबनान, सीरिया और इराक़ पर अपने हमलों की बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि समीकरण बदल जाएंगे, स्थाई शांति को बनाए रखने को क्षेत्र की रेड लाइन बताया है।
याद रहे शनिवार की रात इस्राईल के दो ड्रोन विमानों ने लेबनान की वायु सीमा का उल्लंघन किया।
इसी प्रकार इस्राईली युद्धक विमानों ने शनिवार की ही रात सीरिया की राजधानी के दक्षिण में स्थित " अक़रबा" गांव पर कई राकेट फायर किये।
इराक़ में स्वंय सेवी बल " हश्दुश्शाबी " की सैन्य छावनियों पर भी गत एक महीने के दौरान कई बार हमले हो चुके हैं।
गुरुवार को वाशिंग्टन में कुछ समाचारिक सूत्रों ने बताया था कि इराक़ के स्वंय सेवी बल के कुछ ठिकानों पर हमले के पीछे इस्राईल का हाथ है
लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने अपने हालिया भाषण में कहा है कि मैं सीमा पर तैनात इस्राईली सैनिकों से कह रहा हूं कि वह हमारा इंतेज़ार करें।